gujarat solar panel yojana:गुजरात में सोलर पैनल योजनाऑनलाइन अप्लाई करने से पहले ये बातें जान लें

gujarat solar panel yojana पिछले कुछ सालों में गुजरात की छतों पर सोलर पैनल तेज़ी से दिखने लगे हैं। वजह सीधी है बिजली का बिल हर साल भारी होता जा रहा है, और सरकार सोलर लगवाने पर सब्सिडी भी दे रही है।

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लेकिन पहली बार सोचने वाले को अक्सर समझ नहीं आता कि शुरुआत कहाँ से करें। डर यह भी रहता है कि कोई गलती हुई तो सब्सिडी अटक न जाए। तो चलिए, पूरी बात उसी क्रम में समझते हैं जिस क्रम में आपको असल में करनी पड़ेगी।

कौन सी योजना है और कितनी सब्सिडी मिलती है?

घरों के लिए मुख्य योजना केंद्र सरकार की PM सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना है। सब्सिडी सिस्टम के साइज़ के हिसाब से मिलती है:

पहले 2 किलोवाट तक हर किलोवाट पर ₹30,000, यानी 2 kW पर ₹60,000
तीसरे किलोवाट पर ₹18,000 और, यानी 3 kW पर कुल ₹78,000
3 kW से बड़े सिस्टम पर भी सब्सिडी ₹78,000 पर ही रुक जाती है

ध्यान रहे, यह सब्सिडी सिर्फ घरेलू ऑन-ग्रिड सिस्टम पर है। बैटरी वाला ऑफ-ग्रिड सिस्टम या कमर्शियल इस्तेमाल इसमें नहीं आता।

गुजरात की एजेंसी GEDA भी राज्य स्तर पर रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देती है, और समय-समय पर अतिरिक्त प्रोत्साहन आते रहे हैं। पर उनकी राशि हर साल बदलती है, इसलिए अप्लाई करने से पहले GEDA की साइट पर ताज़ा स्थिति देख लें।

आपके घर के लिए कितने किलोवाट का सिस्टम लेना अच्छा रहेगा?

अक्सर लोग या तो बड़ा सिस्टम ले लेते हैं या बहुत छोटा, जिससे बिजली के बिल में कोई खास बदलाव नहीं होता। सबसे आसान तरीका है पिछले कुछ महीनों के बिजली के बिल को देखना। अगर आप चाहें तो Surya Urja Guide के सोलर सेविंग्स कैलकुलेटर में अपना मासिक बिल डालकर लगभग कितना सिस्टम बन सकता है, इसका अंदाजा लगा सकते हैं। इससे पता चल जाएगा कि कितने किलोवाट का सिस्टम बन पाएगा, कितनी सब्सिडी मिलेगी और पैसा कितने साल में वापस हो जाएगा।

आवेदन करने से पहले कौन-कौन सी चीजें तैयार रखनी चाहिए?

  • पोर्टल पर बीच में रुक जाना आम तौर पर इसी कारण से होता है, इसलिए पहले ये सब तैयार कर लें:
  • बिजली के कनेक्शन का कंज्यूमर नंबर और हालिया बिल
  • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, जिस पर वन टाइम पिन भेजा जाएगा
  • एक ईमेल पता
  • बैंक खाते का विवरण और रद्द चेक, जिस पर सब्सिडी का विवरण होगा

यदि बिल और आधार में नाम या नंबर अलग हैं, तो पहले उन्हें सही करवा लें; अन्यथा सत्यापन में अनावश्यक देरी होगी।

ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?

शुरुआत pmsuryaghar.gov.in से करें। वहाँ रजिस्ट्रेशन के दौरान राज्य गुजरात चुनें, फिर अपनी बिजली कंपनी का चयन करें।

गुजरात में दक्षिण के लिए DGVCL, उत्तर के लिए UGVCL, मध्य के लिए MGVCL और पश्चिम के लिए PGVCL है। अहमदाबाद, सूरत और गांधीनगर के कुछ इलाकों में बिजली टोरेंट पावर देती है। आपको वही चुनना होगा जिसका बिल आपके घर आता है।

कंज्यूमर नंबर, मोबाइल और ईमेल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन पूरा करें, फिर लॉगिन करके रूफटॉप सोलर का आवेदन भर दें।

gujarat solar panel yojana मंज़ूरी के बाद क्या होता है?

आवेदन जमा करने के बाद बिजली कंपनी यह देखती है कि आपके कनेक्शन पर सोलर लगाना संभव है या नहीं। इस समय जल्दी न करें; मंज़ूरी आने से पहले वेंडर को काम शुरू न करवाएँ।

जब मंज़ूरी मिल जाती है, तो पोर्टल पर पंजीकृत वेंडरों की सूची दिखाई देती है। आपको उस सूची से एक वेंडर चुनना होगा, क्योंकि सब्सिडी तभी मिलेगी जब इंस्टॉलेशन पंजीकृत वेंडर द्वारा किया जाए। दो या तीन कोटेशन लेकर तुलना करें, और स्पष्ट पूछें कि कीमत में पैनल, इन्वर्टर, स्ट्रक्चर, वायरिंग और नेट मीटर की प्रक्रिया सब शामिल है या नहीं।

इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद पोर्टल पर जानकारी डाली जाती है और नेट मीटर के लिए आवेदन किया जाता है। मीटर लगने के बाद बिजली कंपनी निरीक्षण करती है; यदि सब कुछ सही पाया जाता है, तो कमीशनिंग सर्टिफिकेट मिलता है। फिर बैंक की जानकारी और कैंसल्ड चेक अपलोड करते हैं, और सब्सिडी सीधे आपके खाते में पहुँच जाती है।

पूरा प्रक्रिया कुछ हफ्तों से लेकर एक-दो महीने तक चल सकती है। यह आपके इलाके की बिजली कंपनी और वेंडर की गति पर निर्भर करता है।

पैसों का इंतज़ाम कैसे करें?

सब्सिडी इंस्टॉलेशन के बाद मिलती है, इसलिए शुरू में पूरा खर्च स्वयं करना पड़ता है। यदि यह आपके लिए कठिन हो, तो योजना में बैंक से कम ब्याज पर ऋण लेने का विकल्प है, जिससे पैसों पर बोझ कम हो।

ऋण लेने से पहले, मासिक किस्त और बिजली बिल में होने वाली संभावित बचत को साथ रखकर देखें। सही आकार का सिस्टम लगने पर कई घरों में किस्त और बचत लगभग बराबर हो जाती है।

इन गलतियों से बचें
बिना पंजीकृत विक्रेता से इंस्टॉलेशन करवाना, सब्सिडी रोका जा सकता है।
फ़िज़िबिलिटी की मंजूरी से पहले काम शुरू कराना।
सब्सिडी के नाम पर विक्रेता को अग्रिम में बड़ी राशि दे देना। पैसे देने से पहले पोर्टल पर उसकी पंजीकरण स्थिति खुद जाँच लें।

आखिर में

सब्सिडी की राशि, राज्य के अतिरिक्त लाभ और नियम समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले pmsuryaghar.gov.in और GEDA की आधिकारिक वेबसाइट जरूर चेक कर लें। अगर शुरुआत सही हो गई, तो सोलर पैनल बहुत सालों तक चुपचाप आपके बिजली के बिल को हल्का करता रहता है।

नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। सब्सिडी, पात्रता और प्रक्रिया केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बदली जा सकती है, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि जरूर करें।

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