लेखक: यश जाधव
1 BHK ke liye kitne kW solar chahiye सोलर लगवाने का मन बनते ही, सबसे पहला सवाल वही आता है… “मेरे छोटे से घर के लिए आखिर कितना बड़ा सिस्टम चाहिए?” और फिर इंस्टॉलर वाले अक्सर 3 kW बोल देते हैं, क्योंकि बड़ा सिस्टम मतलब बड़ा बिल, आपको समझ आ ही गया। लेकिन सच ये है कि 1 BHK में रहने वाले बहुत लोगों की जरूरत इतनी नहीं होती। तो आइए, बिना झंझट वाले तरीके से ये समझते हैं कि आपके लिए सही साइज़ क्या बनेगा
सबसे पहले बिल निकालिए, अंदाज़ा नहीं
पिछले 12 महीनों के बिजली बिल उठा कर देखिए। हर बिल में units consumed लिखा होता है। गर्मियों में खपत बढ़ती है, सर्दियों में घट जाती है, तो सिर्फ एक महीने की बात पर मत जाइए। पूरे साल का औसत निकालिए, फिर वही असली आधार है
मान लीजिए 12 महीने की कुल खपत 2,400 यूनिट रही। तो औसतन 200 यूनिट महीना हुआ। अब यही नंबर सारा हिसाब अपने आप सेट कर देगा, बाक़ी बातें इसी के आसपास चलेंगी
1 kW सोलर कितनी बिजली बना पाता है?
भारत में आम तौर पर 1 kW का सोलर रोज़ करीब 4 यूनिट बिजली बना देता है। मतलब महीने में लगभग 120 यूनिट। यह आँकड़ा शहर, मौसम, और पैनल साफ़ रखने पर थोड़ा ऊपर-नीचे होता रहता है, खासकर मानसून में कम और मार्च से मई के बीच ज़्यादा।
और इसका सीधा-सा तरीका:
महीने की औसत यूनिट ÷ 120 = ज़रूरी kW
अगर आपका औसत 200 यूनिट है तो 200 ÷ 120 = करीब 1.7 kW। यानी practical तौर पर 2 kW वाला सिस्टम सही बैठेगा
1 BHK में आमतौर पर खपत कितनी रहती है?
ये हर घर पर डिपेंड करता है, पर एक मोटा आइडिया ऐसा बनता है
- कम खपत (100 से 150 यूनिट/महीना): पंखे, LED लाइट, फ्रिज, टीवी, मोबाइल चार्जिंग वगैरह। AC बिल्कुल नहीं, या बहुत कम। ऐसे घर के लिए 1 kW भी काम चला लेता है
- मध्यम खपत (150 से 250 यूनिट/महीना): ऊपर वाली सब चीज़ें, plus वॉशिंग मशीन, मिक्सर, और गर्मियों में कभी-कभार AC। अक्सर 1 BHK के ज़्यादातर घर इसी रेंज में आ जाते हैं, इसलिए 2 kW को “सेफ bet” बोलिए
- ज़्यादा खपत (250 से 350 यूनिट/महीना): एक AC रोज़ रात भर चलता है या घर में काम करने वाले लोग पूरे दिन लैपटॉप, पंखा, AC वगैरह चलाते रहते हैं। ऐसे में 3 kW पर विचार करें
और एक बात ध्यान से: अगर आपके बिल 400 यूनिट से ऊपर जाने लग रहे हैं, तो भले 1 BHK हो, खपत असामान्य कही जाएगी। पहले देखिए बिजली किस चीज़ पर ज्यादा खर्च हो रही है, अक्सर पुराना AC या गीज़र वजह निकलता है
छत की जगह भी count होती है
हर 1 kW के लिए करीब 80 से 100 वर्ग फ़ुट खुली, बिना छाया वाली छत चाहिए रहती है। 2 kW के लिए लगभग 200 वर्ग फ़ुट।
ऊपर वाली मंज़िल पर हैं और छत आपके पास उपयोग के लिए है तो ठीक। लेकिन अगर पानी की टंकी, सीढ़ी वाला एरिया, या पड़ोसी की ऊँची दीवार से छाया पड़ती है, तो पैनल की कमाई कम हो जाती है। इंस्टॉलर से बोलिए survey के समय अलग-अलग समय पर shadow check कर लें
1 BHK ke liye kitne kW solar chahiye सब्सिडी का छोटा सा हिसाब
PM सूर्य घर योजना के अंदर रूफटॉप सोलर के लिए केंद्र सरकार सब्सिडी देती है। अभी की जानकारी के हिसाब से, 1 kW पर ₹30,000, 2 kW पर ₹60,000, और 3 kW या उससे ज्यादा पर अधिकतम ₹78,000 तक मिल सकता है।
मतलब 1 से 2 kW तक सब्सिडी सीधी बढ़ती है, और तीसरे kW पर मिलने में गिरावट जैसा असर आता है
इसी वजह से 1 BHK में अक्सर 2 kW सबसे समझदार ऑप्शन बनता है। सब्सिडी भी अच्छा मिलती है और सिस्टम भी आपकी ज़रूरत से बहुत ज्यादा बड़ा नहीं होता। हाँ, नियम/रकम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसला करने से पहले pmsuryaghar.gov.in पर ताज़ा अपडेट जरूर देखिए
खर्चा आखिर कितना आता है?
रूफटॉप सोलर का खर्च प्रति kW करीब ₹55,000 से ₹70,000 के आसपास होता है, ब्रांड, पैनल टाइप और आपके शहर के हिसाब से अंतर आ सकता है।
तो 2 kW का total (सब्सिडी से पहले) लगभग ₹1.1 से ₹1.4 लाख मान लें। 60,000 की सब्सिडी घटाने के बाद आपकी जेब से लगभग ₹50,000 से ₹80,000 का खर्च निकल सकता है
अब बचत का भी अंदाज़ा लगा लेते हैं: 200 यूनिट महीना और ₹7 से ₹8 प्रति यूनिट का औसत रेट मानें, तो बिल लगभग ₹1,400 से ₹1,600 बनता है। नेट मीटरिंग के साथ ये बिल बहुत कम या कभी-कभी शून्य के पास भी आ सकता है। ऐसे में सालाना बचत करीब ₹17,000 से ₹19,000 तक हो जाती है। और फिर पे बैक 4 से 5 साल के आसपास निकल सकता है, पैनल लगभग 25 साल तक चलते हैं
लोग कहाँ गलतियां करते हैं
- बिल देखे बिना साइज़ तय कर लेना। इंस्टॉलर का “3 kW ले लीजिए” वाला नंबर आँख मूंद के मत मानिए, अपना हिसाब पहले लगा कर रखिए
- “ज़ीरो बिल” की उम्मीद में बड़ा सिस्टम ठोक देना। जो बिजली आप इस्तेमाल ही नहीं करते, उसका फायदा सीमित हो जाता है। सिस्टम को खपत के आसपास रखें
- भविष्य की जरूरत भूल जाना। अगले एक-दो साल में AC लेना है, या इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्ज करना है तो आज ही उसे जोड़कर सोचें। बाद में सिस्टम बढ़ाना महँगा पड़ता है
- सिर्फ़ सबसे सस्ता कोटेशन उठा लेना।
यश जाधव सूर्य ऊर्जा गाइड के संस्थापक और कंटेंट राइटर हैं। उनका फोकस भारत में सोलर ऊर्जा से जुड़े विषयों पर है, जैसे पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, राज्यवार सोलर सब्सिडी, रूफटॉप सोलर की लागत और पीएम कुसुम सोलर पंप योजना। वे सरकारी पोर्टल और आधिकारिक अधिसूचनाओं से जानकारी जाँचकर ऐसी गाइड लिखते हैं जो घर और किसान दोनों के काम आएँ।